चकराता घूमने की बेस्ट जगहें – एक शांत हिल स्टेशन जहाँ विदेशी पर्यटक नहीं जा सकते (Travel Guide 2026)
चकराता ट्रैवल गाइड 2026 – वो खूबसूरत हिल स्टेशन जहाँ विदेशी पर्यटकों की एंट्री नहीं है
अगर इस बार आपका मन शिमला, मसूरी या मनाली जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों से हटकर किसी शांत और प्राकृतिक हिल स्टेशन पर घूमने का है, तो उत्तराखंड का चकराता आपके लिए एक शानदार विकल्प हो सकता है। समुद्र तल से लगभग 2,100 मीटर की ऊँचाई पर बसा यह खूबसूरत हिल स्टेशन अपनी शांत वादियों, देवदार के घने जंगलों, बर्फ से ढकी पहाड़ियों और सुकून भरे माहौल के लिए जाना जाता है। यही वजह है कि चकराता हनीमून कपल्स के साथ-साथ परिवार और दोस्तों के बीच भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
चकराता एक सैन्य छावनी क्षेत्र है, इसलिए यहाँ कुछ जगहों पर फोटोग्राफी की अनुमति नहीं होती। सुरक्षा कारणों से विदेशी पर्यटकों के प्रवेश पर भी कुछ प्रतिबंध लागू हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि उत्तराखंड के कई प्रसिद्ध हिल स्टेशनों की तुलना में यहाँ अब भी भीड़ कम रहती है। ऐसे में आप बिना किसी जल्दबाज़ी के यहाँ की प्राकृतिक खूबसूरती, शांत माहौल और पहाड़ों की ताज़ी हवा का भरपूर आनंद ले सकते हैं। देहरादून से लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पर स्थित चकराता वीकेंड ट्रिप, फैमिली वेकेशन या हनीमून के लिए बेहतरीन डेस्टिनेशन माना जाता है। आइए जानते हैं चकराता में घूमने की सबसे खूबसूरत जगहें, यहाँ ठहरने के विकल्प और चकराता कैसे पहुँचा जाए।
अगर पहाड़ों में घूमना आपको पसंद है, तो चकराता के बाद शिमला की यात्रा भी जरूर प्लान करें। वहाँ के प्रमुख पर्यटन स्थल, यात्रा का बजट और घूमने का सही समय जानने के लिए हमारी Shimla में घूमने की 10 सबसे खूबसूरत जगहें (2026) – Complete Travel Guide पढ़ सकते हैं।
चकराता में देखने और घूमने की मुख्य जगह की जानकारी - Best Places to Visit in Chakrata in Hindi
1. टाईगर वाटर फॉल- Tiger Water Fall Chakrataटाइगर फॉल चकराता की सबसे प्रसिद्ध और खूबसूरत जगहों में से एक है। यह झरना चकराता से लगभग 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और करीब 312 मीटर की ऊँचाई से गिरने वाले भारत के ऊँचे झरनों में गिना जाता है। चारों ओर फैले देवदार के जंगल और झरने की गूँजती आवाज़ इस जगह को और भी मनमोहक बना देती है। अगर आप प्रकृति के बीच कुछ सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं, तो टाइगर फॉल जरूर जाएँ।
यहाँ पहुँचने के लिए दो रास्ते हैं। पहले रास्ते से आप बाइक या कार लेकर झरने के काफी करीब तक पहुँच सकते हैं, जबकि दूसरे रास्ते में लगभग 1 किलोमीटर की आसान ट्रैकिंग करनी पड़ती है। रास्ते भर पहाड़ों की ताज़ी हवा और हरियाली सफर को भी उतना ही यादगार बना देती है, जितना खुद टाइगर फॉल।
जैसे ही आप झरने के करीब पहुँचते हैं, ऊँचाई से गिरते पानी की ठंडी फुहारें आपका स्वागत करती हैं। अगर आप बिल्कुल पास जाकर इस खूबसूरत नज़ारे का आनंद लेना चाहते हैं, तो थोड़ा भीगने के लिए तैयार रहें। गर्मियों में यह एहसास और भी शानदार लगता है।
2. क्रिप्टोगेमिक उद्यान -Cryptogenic Garden Chakrata First Crypto Garden in India
क्रिप्टोगेमिक गार्डन चकराता की उन खास जगहों में से एक है, जहाँ घूमने के साथ-साथ कुछ नया सीखने का भी मौका मिलता है। लगभग 3 एकड़ में फैला यह गार्डन देश का पहला क्रिप्टोगेमिक गार्डन माना जाता है। यहाँ क्रिप्टोगैम पौधों की करीब 76 प्रजातियाँ संरक्षित की गई हैं, जिन्हें करीब से देखना अपने आप में एक अलग अनुभव है।
क्रिप्टोगैम ऐसे पौधे होते हैं, जो बीज की बजाय बीजाणुओं (Spores) के माध्यम से विकसित होते हैं। इनमें लाइकेन (Lichen), शैवाल (Algae), काई (Moss) और फर्न (Fern) जैसी कई प्रजातियाँ शामिल हैं। इन पौधों का इतिहास बेहद पुराना माना जाता है और ये प्रकृति तथा वनस्पति विज्ञान के अध्ययन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
3. देवबन- Devban Chakrata
देवबन चकराता से लगभग 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक शांत और खूबसूरत जगह है। देवदार के घने जंगलों से घिरा यह इलाका अपने सुकून भरे माहौल और हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियों के शानदार नज़ारों के लिए जाना जाता है। अगर आप शहर की भागदौड़ से दूर कुछ समय प्रकृति के बीच बिताना चाहते हैं, तो देवबन आपको जरूर पसंद आएगा।
सर्दियों में यहाँ बर्फबारी होने पर पूरा इलाका सफेद चादर से ढक जाता है और इसका नज़ारा देखने लायक होता है। वहीं, पक्षियों को करीब से देखने के शौकीनों के लिए भी यह जगह खास मानी जाती है, क्योंकि यहाँ कई दुर्लभ और रंग-बिरंगी प्रजातियाँ देखने को मिलती हैं।
4. लोखंडी - Lokhandi Chakrata
लोखंडी चकराता से लगभग 19 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक मनमोहक पर्यटन स्थल है। देवदार के ऊँचे-ऊँचे पेड़ों से घिरा यह इलाका अपने शांत माहौल और सालभर रहने वाले सुहावने मौसम के लिए जाना जाता है। अगर आप शहर की भागदौड़ से दूर प्रकृति के बीच कुछ सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं, तो लोखंडी आपके लिए एक बेहतरीन जगह हो सकती है।
सर्दियों में यहाँ का नज़ारा पूरी तरह बदल जाता है। बर्फबारी के बाद पूरा क्षेत्र सफेद चादर से ढक जाता है और सुबह की हल्की धूप जब बर्फ पर पड़ती है, तो चारों ओर चमकता हुआ दृश्य मन मोह लेता है। यही वजह है कि इस मौसम में यहाँ घूमने आने वालों की संख्या काफी बढ़ जाती है।
अगर आप सर्दियों में लोखंडी घूमने की योजना बना रहे हैं, तो निकलने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर ले लें। कई बार भारी बर्फबारी के कारण रास्तों पर आवाजाही कुछ समय के लिए प्रभावित हो सकती है।
अगर आप चकराता के बाद उत्तराखंड का एक और शांत और खूबसूरत हिल स्टेशन घूमना चाहते हैं, तो कौसानी बेहतरीन विकल्प है। यात्रा की पूरी जानकारी के लिए हमारा कौसानी में घूमने की 10 सबसे खूबसूरत जगहें Kausani Travel Guide in Hindi (2026) जरूर पढ़ें।
5. मोइला बुग्याल- Moila Bugyal Chakrata
अगर आप लोखंडी तक पहुँच चुके हैं, तो वहाँ से मोइला बुग्याल की सैर जरूर करें। यह चकराता की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक मानी जाती है। लोखंडी से बुधेर के लिए लगभग 3 किलोमीटर लंबा कच्चा रास्ता जाता है। बुधेर में वन विभाग का एक सुंदर विश्राम गृह भी है। यहीं से करीब 2.5 किलोमीटर का पहाड़ी ट्रेक शुरू होता है, जो आपको मोइला बुग्याल तक ले जाता है।
यह ट्रेक बहुत कठिन नहीं है। रास्ते भर देवदार के जंगल, खुली पहाड़ियाँ और चरते हुए पशु आपका साथ देते हैं, जिससे सफर काफी आनंददायक बन जाता है। हालांकि, मोइला बुग्याल में पीने के पानी की सुविधा बहुत कम है, इसलिए लोखंडी से ही अपने साथ पर्याप्त पानी जरूर लेकर चलें।
मोइला बुग्याल पहुँचने के बाद चारों ओर फैले हरे-भरे घास के मैदान और सामने दिखाई देने वाली हिमालय की ऊँची चोटियाँ मन मोह लेती हैं। यहाँ की सबसे ऊँची चोटी पर स्थित परी मंदिर भी पर्यटकों के बीच काफी प्रसिद्ध है। स्थानीय लोगों की मान्यताओं के कारण यह मंदिर इस जगह का खास आकर्षण माना जाता है।
मोइला बुग्याल में एक छोटी-सी झील भी है। गर्मियों में इसका पानी काफी कम हो जाता है, जबकि बरसात के मौसम में यह पूरी तरह भर जाती है और आसपास का नज़ारा बेहद सुंदर दिखाई देता है।
यहीं पास में बुधेर गुफा भी स्थित है। गुफा का प्रवेश द्वार काफी संकरा है, इसलिए अंदर जाने में थोड़ी सावधानी रखनी पड़ती है। कुछ दूर तक जाने के बाद रास्ता और गहरा होने लगता है। सुरक्षा कारणों से अधिकांश पर्यटक यहीं से वापस लौट आते हैं। अगर आप गुफा के अंदर जाने का विचार कर रहे हैं, तो स्थानीय गाइड के साथ ही जाएँ।
6. मुंडाली- Mundali Skiing and Trekking Adventure In Chakrata
अगर आप चकराता में बर्फबारी के साथ एडवेंचर का मज़ा लेना चाहते हैं, तो मुंडाली जरूर जाएँ। सर्दियों में यहाँ अच्छी बर्फबारी होती है, जिसकी वजह से यह जगह स्कीइंग और स्नो एडवेंचर के शौकीनों के बीच काफी पसंद की जाती है। उत्तराखंड में औली के बाद मुंडाली भी स्कीइंग के लिए तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
यहाँ समय-समय पर लगभग 15 दिनों का स्कीइंग प्रशिक्षण भी आयोजित किया जाता है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी दिया जाता है। अगर आपने पहले कभी स्कीइंग नहीं की है, तो मुंडाली इसे सीखने और बर्फीले पहाड़ों के बीच एक अलग अनुभव लेने के लिए बेहतरीन जगह हो सकती है।
अगर आप धार्मिक पर्यटन में रुचि रखते हैं, तो "माता वैष्णो देवी की पवित्र गुफा का रहस्य, वैष्णो देवी जाने का सही समय" लेख भी जरूर पढ़ें।
7. चिरमिरी पिक - Chirmiri Peck Chakrata
चिरमिरी पिक चकराता के सबसे प्रसिद्ध व्यू पॉइंट्स में से एक है। यह चकराता से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अगर आप मसूरी से चकराता की ओर आ रहे हैं, तो यह जगह रास्ते में पड़ती है। यहाँ कुछ समय रुककर आसपास के प्राकृतिक नज़ारों का आनंद लेना आपकी यात्रा को और भी खास बना सकता है।
चिरमिरी पिक से हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियों का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है। शाम के समय जब सूरज धीरे-धीरे पहाड़ों के पीछे ढलता है, तो पूरा आसमान सुनहरे और नारंगी रंगों से भर जाता है। इस खूबसूरत दृश्य को देखने के लिए शाम के समय यहाँ कई पर्यटक और फोटोग्राफी के शौकीन पहुँचते हैं।
चकराता कैसे पहुँचे-How to Reach Chakrata
चकराता उत्तराखंड के देहरादून जिले में स्थित एक शांत और खूबसूरत सैन्य छावनी (कैंटोनमेंट) क्षेत्र है। देहरादून से इसकी दूरी आपके चुने हुए मार्ग पर निर्भर करती है। अगर आप मसूरी होते हुए चकराता जाते हैं, तो यात्रा लगभग 114 किलोमीटर की होती है। वहीं विकासनगर के रास्ते जाने पर यह दूरी करीब 90 किलोमीटर रह जाती है। दोनों मार्ग अपने-अपने प्राकृतिक नज़ारों के लिए जाने जाते हैं, इसलिए आप अपनी सुविधा और समय के अनुसार किसी भी रास्ते का चुनाव कर सकते हैं.
हवाई जहाज से चकराता कैसे पहुँचे-How to Reach Chakrata by Flight
चकराता का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा जॉली ग्रांट हवाई अड्डा देहरादून है जो चकराता से 114 किलोमीटर की दूरी पर है यहाँ से आप टैक्सी की मदत से मसूरी या विकास नगर होते हुए चकराता पहुँच सकते है
रेल से चकराता कैसे पहुँचे-How to Reach Chakrata by Train
चकराता का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन भी देहरादून ही है भारत के हर बड़े शहर से देहरादून के लिए ट्रेन उपलब्ध हो जाती है देहरादून से आप टैक्सी की मदत से चकराता पहुँच सकते है
चकराता उत्तराखंड के देहरादून जिले में स्थित एक शांत और खूबसूरत सैन्य छावनी (कैंटोनमेंट) क्षेत्र है। देहरादून से चकराता पहुँचने के लिए दो प्रमुख रास्ते हैं। अगर आप मसूरी होते हुए जाते हैं, तो यह यात्रा लगभग 114 किलोमीटर की होती है। वहीं विकासनगर के रास्ते जाने पर यह दूरी करीब 90 किलोमीटर रह जाती है। दोनों मार्ग पहाड़ों, देवदार के जंगलों और खूबसूरत घाटियों से होकर गुजरते हैं, इसलिए सफर भी उतना ही आनंददायक लगता है, जितनी मंज़िल।
चकराता में ठहरने के लिए आपको होटल, रिज़ॉर्ट और कैंप जैसे कई विकल्प मिल जाते हैं। आप चाहें तो पहुँचकर सीधे कमरा बुक कर सकते हैं या फिर यात्रा से पहले ऑनलाइन बुकिंग भी कर सकते हैं।
चूँकि चकराता एक सैन्य छावनी क्षेत्र है, इसलिए यहाँ बड़े पर्यटन स्थलों की तुलना में ठहरने के विकल्प सीमित हैं। खासकर छुट्टियों और वीकेंड के दौरान होटल जल्दी भर जाते हैं। इसलिए अगर आप पीक सीजन में यात्रा कर रहे हैं, तो पहले से ऑनलाइन बुकिंग कर लेना बेहतर रहेगा।
अगर आपका बजट कम है, तो चकराता से लगभग 4–5 किलोमीटर पहले मसूरी–चकराता मार्ग पर स्थित पुराड़ी गाँव में कई बजट होटल और होमस्टे मिल जाते हैं। यहाँ आपको अपेक्षाकृत कम कीमत में आरामदायक ठहरने की सुविधा मिल सकती है।










टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
Please do not enter any spam link in the comment box.