जैसलमेर के प्रमुख पर्यटन स्थल | Jaisalmer Tourist Places 2026
Last Update in June-2026
Jaisalmer Sightseeing Guide: Best Places to Visit & Things to Do
अगर आप घूमने फिरने के शौकीन हैं और अपने देश में स्थित विभिन्य पर्यटक स्थलों की जानकारी लेना चाहते है और अपने परिवार को भी ये जानकारी दिलाना चाहते है तो आज हम आप को भारत के राजस्थान में स्थित एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे है जहाँ आप अपने देश के गौरवशाली इतिहास के बारे में जानेगे और यहाँ स्थित अनेको पर्यटक स्थलों का एन्जॉय भी ले पाएंगे ! हम बात कर रहे है राजस्थान में स्थित जैसलमेर की मुझे पता है जैसलमेर का नाम सुनते ही आप के दिमाग़ में सिर्फ ये ही आया होगा की ऐसी जगह जहा सिर्फ रेत ही रेत होगा लेकिन इस के बावजूद जैसलमेर में अनेको ऐसे पिकनिक स्पॉट है जहां आप अपनी फैमिली के साथ भरपूर एन्जॉय कर सकते और अपने देश के गौरवशाली इतिहास के बारे में जान सकते है तो आइये जानते है जैसलमेर में स्थित पिकनिक स्पॉट के बारे में !दिल्ली से जैसलमेर लगभग 750 किलोमीटर दूर है आप जैसलमेर बाय ट्रैन ,रोड ,एयर किसी भी तरीके से जा सकते है जो आपको और आप की फैमिली के लिए आरामदायक हो ! जैसलमेर घूमने का सही समय अक्टूबर से मार्च के बीच का है !
राजस्थान की झीलों का शहर देखने के लिए उदयपुर ट्रैवल गाइड अवश्य पढ़ें।
जैसलमेर में घूमने की सबसे बेहतरीन जगहें
इस किले का निर्माण 1155 में राजपूत शासक रावल जैसल ने करवाया था इसलिए उन्ही के नाम पर इस किले का नाम रखा गया यह किला जैसलमेर में स्थित थार मरुस्थल के त्रिकुटा पर्वत पर है इस किले को लाइव किला भी कहते है क्यों की इस किले में आज भी 5000 से 7000 लोग रहते है हजारों दुकानें है होटल है जहा आप अपनी फैमिली के साथ रात में रुक सकते है और सूरज की रोशनी में इस किले की दीवारे हल्के सुनहरे रंग की दिखती है इस लिए इस किले को गोल्डन फोर्ट के नाम से भी जाना जाता है शहर के बीचों बीच बने इस किले की अनेको प्रसिद्धि या है जिनके बारे में आप इस किले में घूमते हुए लोकल गाइड से जान सकते है इस किले के टॉप से पूरा जैसलमेर दिखाई देता है वैसे तो ये पूरा किला देखने में और घूमने में बहुत ही शानदार है जैसे की
. राजा महल
. रानी महल
. प्राचीन शिव मन्दिर
. लक्ष्मी मन्दिर
. जैन मन्दिर
. दीवान हवेली
इस किले की बनावट भारत के मानचित्र जैसी है !
2. गड़ीसर झील (Gadisar Lake)
इतने बड़े और विशाल रेगिस्थान में जहां दूर-दूर तक पानी नहीं मिलता वहां ये मानव निर्मित गड़ीसर झील एक अलग ही अनुभव देती है इस झील का निर्माण भी राजा रावल जैसल ने अपनी जनता का ध्यान रखते हुए करवाया था जैसलमेर के किले के सामने स्थित इस झील को देखने के लिए देश और विदेश से पर्यटक आते है यहाँ पर आप बोटिंग कर सकते है और बहुत ही खूबसूरत व्यू के फोटो भी निकाल सकते है ! खासकर सूरज उगते समय आकाश का और किले का दृश्य बहुत ही आकर्षक दिखाई देता है |
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| Gadisar Lake |
3. जैसलमेर वॉर म्यूजियम (Jaisalmer War Museum)
जैसलमेर से बीकानेर रोड स्थित वॉर म्यूजियम हमारे देश के वीर योद्धाओं की गाथा सुनाता है की कैसे हमारे वीर सपूतों ने अपनी जान की बाज़ी लगा कर पूरी दुनिया के सामने भारत माता के मस्तिक को ऊंचा किया यहाँ पर हमारे बहादुर जवानों की गौरवगाथाएँ को दिखाया गया है दुश्मन देशों से युद्ध में जीते हुए अनेको टैंको को यहाँ पर रखा गया है और हमारी तीनों सेनाओं के कार्यरूप को भी यहाँ दिखाया गया है कुल मिलाकर जैसलमेर वॉर म्युसियम आपको और आपकी फैमिली को जरूर देखना चाहिए !
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| War Museum Jaisalmer |
4. कुलधरा विलेज (Kuldhara Village) लोककथाओं के अनुसार कुलधरा पालीवाल ब्राह्मणों का एक प्राचीन गांव था उन्होंने कुलधरा के चारों ओर 84 गांव का निर्माण किया था आज से लगभग 200 साल पहले कुलधरा पालीवाल ब्राह्मणों से आबाद गांव हुआ करता था लेकिन फिर कुलधरा पर एक रियासत के दीवान सालेम सिंह की बुरी नज़र लग गई क्योंकि उसकी बुरी नज़र एक पुजारी की खूबसूरत लकड़ी पर पड़ गई थी उसने उस लड़की से शादी करने के लिए गांव वालो को कुछ दिनों की मोहलत दी !
लेकिन गांव के लोगों को अपनी लड़की के सम्मान और गांव के आत्मसम्मान के लिए यह मंजूर नहीं था इसलिये गांव के लगभग 5000 परिवारों ने रात में ही रियासत छोड़ने का फैसला किया पूरा गांव रात -रात में ही खाली हो गया लेकिन कहा जाता है कि ब्राह्मणों ने गांव को छोड़ते वक्त श्राप दे दिया था जब से आज तक ये वीरान गांव रूहानी ताकतों के कब्जे में है लेकिन इस गांव में एक मन्दिर और बावड़ी भी है जो आज भी श्राप से मुक्त है बताया जाता है की शाम ढलने के बाद अक्सर यहाँ कुछ आवाजें सुनाई देती है इस लिए शाम ढलने के बाद कुलधरा के दरवाजे बंद है लोगों का मानना है की रात के समय जो भी यहाँ आया वो किसी ना किसी हादसे का शिकार हुआ है इसलिए इसे हन्टेड विलेज भी कहा जाता है !
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5. लोंगेवाला वॉर मेमोरियल (Longewala War Memorial)
जैसलमेर से लगभग 110 किलोमीटर पाकिस्तान बॉर्डर की तरफ लोंगेवाला वॉर मेमोरियल है जहां पर 1971 में भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच युद्ध हुआ था इस युद्ध में पाकिस्तानी सेना को करारी हार का सामना करना पड़ा था लोंगेवाला वॉर मेमोरियल भारतीय सेना के अद्भुत साहस को भी दरसाता है की कैसे भारतीय सेना के केवल 120 जवानो ने पाकिस्तानी सेना के 3000 सैनिकों को घुटनो के बल ला दिया था और लोंगेवाला युद्ध में जीत हासिल की थी |
लोंगेवाला पर आपको उन बहादुर जवानों की वीरता की निशानियाँ देखने को मिलेगी यह युद्ध भारत के इतिहास के सुनहरे में लिखा गया था और दुनियाँ के सामने हमारे जवानों ने एक मिशाल कायम की थी यहाँ पर आप को लोंगेवाला युद्ध की 15 से 20 मिनट की वीडियो भी दिखाई जाती है जिस को देख कर आप को अपनी सेना पर गौरव महसूस होता है लोंगेवाला युद्ध पर बॉलीवुड में एक फिल्म भी बनी हुई है जिसका नाम है Border . यहाँ से लगभग 20 - 25 किलोमीटर की दूरी पर भारत पाकिस्तान बॉर्डर है जहां पर आप केवल सेना की परमिशन के बाद ही जा सकते है !यहाँ पर आप अपने देश के वीर जवानों से रूबरू हो सकते है और देख सकते है की कैसे वो हर मुस्किल परस्थिति में देश की रक्षा करते है !
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| Laungewala War Memorial |
6. माता तनोट मंदिर (Mata Tanot Mandir)
लोंगेवाला वॉर मेमोरियल से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर माता तनोट मंदिर है यह मंदिर इस लिए भी खास है क्योंकि 1965 में भारत पाकिस्तान युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सेना ने मंदिर तथा आसपास लगभग 3000 गोले बरसाये थे इनमें से 450 गोले मंदिर परिषर में गिरे थे लेकिन इन गोलों से मंदिर पर खरोंच भी नहीं आईं यानी एक भी गोला फटा नहीं इस मंदिर का रखरखाओ BSF करती है 1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध में हमारे वीर जवानों ने माता तनोट के आशीर्वाद से दुश्मन को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था ! तनोट माता के दर्शन करने के बाद आप वहाँ से सीधा जैसलमेर जा सकते है !
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7. सैम डून्स (Sam Dunes)
सैम डून्स जैसलमेर से 40 किलोमीटर की दूरी पर है यह जगह थार डेजर्ट के सेन्टर में है यहाँ आप आप Desert Safari, Camel Safari का भरपूर आनन्द ले सकते है यहाँ पर Sun Set व्यू बहुत ही खूबसूरत और दिल को लुभाने वाला होता है यहाँ पर रात में रुकने के लिए आप कैम्प ले सकते है बॉन फायरिंग और राजस्थानी कल्चर का एन्जॉय ले सकते है !
जैसलमेर पर्यटन स्थल FAQs
1. जैसलमेर घूमने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
जैसलमेर घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च तक माना जाता है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और आप किले, हवेलियों तथा रेगिस्तान सफारी का आनंद आराम से ले सकते हैं।
2. जैसलमेर में घूमने के प्रमुख पर्यटन स्थल कौन-कौन से हैं?
जैसलमेर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में जैसलमेर किला, पटवों की हवेली, नाथमल की हवेली, गड़ीसर झील, सैम सैंड ड्यून्स, कुलधरा गांव, बड़ा बाग और तनोट माता मंदिर शामिल हैं।
3. जैसलमेर किले की विशेषता क्या है?
जैसलमेर किला दुनिया के सबसे बड़े जीवित किलों में से एक है। यह पीले बलुआ पत्थर से बना है, जिसके कारण इसे 'सोनार किला' या 'गोल्डन फोर्ट' भी कहा जाता है।
4. सैम सैंड ड्यून्स में क्या-क्या गतिविधियां की जा सकती हैं?
सैम सैंड ड्यून्स में ऊंट सफारी, जीप सफारी, पैराग्लाइडिंग, लोक संगीत कार्यक्रम, राजस्थानी नृत्य और डेजर्ट कैंपिंग जैसी गतिविधियों का आनंद लिया जा सकता है।
5. जैसलमेर कैसे पहुंचें?
जैसलमेर सड़क, रेल और हवाई मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। निकटतम हवाई अड्डा जैसलमेर एयरपोर्ट है, जबकि प्रमुख शहरों से नियमित ट्रेन और बस सेवाएं उपलब्ध हैं।
6. कुलधरा गांव क्यों प्रसिद्ध है?
कुलधरा गांव अपनी रहस्यमयी कहानियों और ऐतिहासिक महत्व के कारण प्रसिद्ध है। यह गांव लंबे समय से वीरान पड़ा हुआ है और पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र है।










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