Mount Abu Best Tourist Places -माउंट आबू में 7 प्रमुख पर्यटक स्थल

माउंट आबू में घूमने की 7 बेस्ट जगहें | Mount Abu Travel Guide 2026 

राजस्थान का इकलौता हिल स्टेशन माउंट आबू अपनी ठंडी हवाओं, हरियाली, शांत झीलों और खूबसूरत पहाड़ियों के लिए जाना जाता है। यही वजह है कि हर साल देश-विदेश से लाखों पर्यटक यहाँ घूमने आते हैं। अगर आप परिवार, दोस्तों या अपने पार्टनर के साथ एक यादगार ट्रिप की योजना बना रहे हैं, तो माउंट आबू आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है।

Mount Abu Best Tourist Places - माउंट आबू में घूमने के 7 प्रमुख पर्यटक स्थल 2026

इस लेख में हम आपको माउंट आबू की 7 सबसे खूबसूरत घूमने की जगहों के बारे में बताएंगे। यहाँ आप नक्की झील में बोटिंग का आनंद ले सकते हैं, दिलवाड़ा जैन मंदिर की बारीक और अद्भुत नक्काशी देख सकते हैं, राजस्थान की सबसे ऊँची चोटी गुरु शिखर से शानदार नज़ारों का आनंद ले सकते हैं और शांत वातावरण में प्रकृति के बीच कुछ सुकून भरे पल बिता सकते हैं। अगर आप पहली बार माउंट आबू जा रहे हैं, तो यह गाइड आपकी यात्रा को आसान और यादगार बनाने में मदद करेगी।

माउंट आबू के अलावा अगर आप अगस्त में घूमने के लिए दूसरी खूबसूरत जगहों की तलाश कर रहे हैं, तो भारत में अगस्त में घूमने की 15 सबसे खूबसूरत जगहें पर हमारी विस्तृत गाइड भी जरूर पढ़ें।

1.नक्की झील - Nikki Lake 

          नक्की झील माउंट आबू के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। यह झील शहर के बीचों-बीच स्थित है और अपने शांत माहौल, साफ पानी और खूबसूरत प्राकृतिक नज़ारों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ आने वाले पर्यटक बोटिंग का आनंद लेते हैं और झील के चारों ओर फैली पहाड़ियों की खूबसूरती को करीब से महसूस करते हैं।

नक्की झील से जुड़ी एक प्रसिद्ध मान्यता है कि इसका निर्माण एक हिन्दू देवता ने अपने नाखूनों (नख) से किया था। इसी लोककथा के कारण इसका नाम "नक्की झील" पड़ा। अगर आप माउंट आबू घूमने जा रहे हैं, तो इस झील पर कुछ समय बिताना आपकी यात्रा के सबसे यादगार अनुभवों में से एक हो सकता है।

माउंट आबू की प्रसिद्ध नक्की झील में बोटिंग का खूबसूरत दृश्य

चारों ओर फैले हरे-भरे पेड़ और पहाड़ नक्की झील की खूबसूरती को और भी बढ़ा देते हैं। सुबह की ताज़ी हवा और शाम का शांत माहौल यहाँ आने वाले पर्यटकों का मन मोह लेता है। रात के समय झील के बीच लगा रंग-बिरंगा फव्वारा और उसकी रोशनी पूरे इलाके को बेहद आकर्षक बना देती है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग यहाँ पहुँचते हैं।

अगर आपको बोटिंग पसंद है, तो नक्की झील पर इसका मज़ा और भी बढ़ जाता है। झील के आसपास कई होटल, कैफ़े और स्थानीय बाज़ार हैं, इसलिए यहाँ आराम से कुछ समय बिताया जा सकता है। यही वजह है कि माउंट आबू आने वाले ज़्यादातर पर्यटक अपनी घूमने की सूची में नक्की झील को सबसे पहले शामिल करते हैं। इसके अलावा, इस खूबसूरत जगह पर कई हिंदी फिल्मों के दृश्य भी फिल्माए जा चुके हैं।

2. अचलगढ़ किला-Achalgarh Fort Mount Abu

          अगर आपको ऐतिहासिक किले और पुरानी विरासत को करीब से देखने में दिलचस्पी है, तो अचलगढ़ किला माउंट आबू की उन जगहों में से एक है जिसे अपनी यात्रा में जरूर शामिल करना चाहिए। यह किला माउंट आबू से लगभग 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसका निर्माण मूल रूप से परमार शासकों ने कराया था, जबकि बाद में महाराणा कुंभा ने 15वीं शताब्दी में इसका पुनर्निर्माण करवाया।

समय के साथ किले का कुछ हिस्सा खंडहर में बदल गया है, लेकिन इसकी मजबूत दीवारें आज भी इसके गौरवशाली इतिहास की कहानी बयां करती हैं। किले तक पहुँचने के दौरान रास्ते में दिखाई देने वाले पहाड़ और हरियाली यात्रा को और भी यादगार बना देते हैं।

अचलगढ़ किले के पास ही प्रसिद्ध अचलेश्वर महादेव मंदिर स्थित है, जहाँ हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।

अगर आपको फोटोग्राफी पसंद है, तो किले की ऊँचाई से दिखाई देने वाले पहाड़ और आसपास का नज़ारा कैमरे में कैद करने लायक होता है। सुबह और शाम के समय यहाँ का शांत वातावरण इस जगह की खूबसूरती को और भी बढ़ा देता है।

घूमने का समय: सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक (समय स्थानीय व्यवस्था के अनुसार बदल सकता है।)

माउंट आबू घूमने के बाद आप पास के खूबसूरत शहर उदयपुर की यात्रा भी कर सकते हैं। हमारी उदयपुर यात्रा गाइड 2026 में घूमने की जगहों, बजट और यात्रा टिप्स की पूरी जानकारी दी गई है।

अचलगढ़ किला – रोचक तथ्य

  • अचलगढ़ किला अरावली पर्वतमाला की ऊँचाई पर स्थित है, जहाँ से आसपास की पहाड़ियों और घाटियों का शानदार नज़ारा दिखाई देता है।
  • माना जाता है कि प्राचीन समय में यह किला आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा और निगरानी के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक चौकी के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।
  • अचलगढ़ किला अपनी प्राचीन वास्तुकला, मजबूत दीवारों और प्राकृतिक परिवेश के कारण इतिहास प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के बीच काफी लोकप्रिय है।
  • सुबह और शाम के समय यहाँ का शांत वातावरण और पहाड़ियों के बीच दिखाई देने वाला दृश्य इस जगह की खूबसूरती को और भी बढ़ा देता है।
  • किले के आसपास आज भी पुराने प्रवेश द्वार, मंदिर और ऐतिहासिक अवशेष मौजूद हैं, जो इसके गौरवशाली अतीत की झलक दिखाते हैं।

3. अचलेश्वर महादेव मन्दिर -Achaleswar Mahadev Temple

                  माउंट आबू से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित अचलेश्वर महादेव मंदिर राजस्थान के प्रमुख शिव मंदिरों में से एक है। यह मंदिर अचलगढ़ किले के पास स्थित है और धार्मिक आस्था के साथ-साथ अपने प्राचीन इतिहास के लिए भी प्रसिद्ध है।

इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहाँ पारंपरिक शिवलिंग की बजाय भगवान शिव के दाहिने पैर के अंगूठे की पूजा की जाती है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यही पवित्र अंगूठा माउंट आबू पर्वत को स्थिर बनाए रखता है। इसी अनोखी मान्यता के कारण हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहाँ दर्शन के लिए पहुँचते हैं।

मंदिर परिसर में स्थापित विशाल नंदी भी यहाँ का प्रमुख आकर्षण है। माना जाता है कि यह पंचधातु से निर्मित है और मंदिर की ऐतिहासिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। चारों ओर फैली अरावली की पहाड़ियाँ और शांत वातावरण यहाँ आने वाले लोगों को आध्यात्मिक सुकून का अनुभव कराते हैं।

अगर आप माउंट आबू की यात्रा पर हैं, तो अचलगढ़ किला देखने के साथ अचलेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन भी जरूर करें। यहाँ इतिहास, धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सुंदरता का अनोखा संगम देखने को मिलता है।

अचलेश्वर महादेव मंदिर – रोचक तथ्य

  • इस मंदिर की सबसे अनोखी बात यह है कि यहाँ पारंपरिक शिवलिंग की बजाय भगवान शिव के दाहिने पैर के अंगूठे (पादांगुष्ठ) की पूजा की जाती है।
  • अचलेश्वर महादेव मंदिर ऐतिहासिक अचलगढ़ किले के पास स्थित है, इसलिए अधिकांश पर्यटक दोनों जगहों की सैर एक ही दिन में कर लेते हैं।
  • मंदिर परिसर में स्थापित विशाल पंचधातु का नंदी यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।
  • सावन, महाशिवरात्रि और अन्य प्रमुख शिव पर्वों के दौरान यहाँ श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक होती है।
  • धार्मिक महत्व के अलावा, मंदिर का शांत वातावरण और अरावली की प्राकृतिक सुंदरता भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। 

माउंट आबू का प्रसिद्ध अचलेश्वर महादेव मंदिर

4. दिलवाड़ा जैन मन्दिर-Dilwara Jain Temple Mount Abu

                  माउंट आबू को जैन धर्म के प्रमुख तीर्थस्थलों में गिना जाता है। यहाँ स्थित दिलवाड़ा जैन मंदिर अपनी अद्भुत संगमरमर की नक्काशी और बेजोड़ वास्तुकला के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। यह वास्तव में पाँच जैन मंदिरों का समूह है, जिनका निर्माण 11वीं से 13वीं शताब्दी के बीच कराया गया था।

कहा जाता है कि उस समय आक्रमणकारियों से मंदिरों की सुरक्षा के लिए इन्हें बाहर से साधारण रखा गया, जबकि अंदर की कलाकारी बेहद शानदार बनाई गई। मंदिरों की छत, स्तंभ और दीवारों पर की गई महीन संगमरमर की नक्काशी देखकर हर कोई आश्चर्यचकित रह जाता है। खासतौर पर यहाँ के 48 खूबसूरती से तराशे गए स्तंभ पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते हैं। 

दिलवाड़ा जैन मंदिर की शानदार संगमरमर की नक्काशी

इन पाँच मंदिरों में विमल वसाही मंदिर सबसे प्राचीन है, जिसका निर्माण 1031 ईस्वी में हुआ था और यह प्रथम जैन तीर्थंकर भगवान आदिनाथ को समर्पित है। लूणा वसाही मंदिर का निर्माण 1230 ईस्वी में हुआ और यह भगवान नेमीनाथ को समर्पित है। इसके अलावा पित्तलहर मंदिर, पार्श्वनाथ मंदिर और महावीर स्वामी मंदिर भी इस मंदिर समूह का हिस्सा हैं, जिनका जैन धर्म में विशेष धार्मिक महत्व है।

माउंट आबू की प्राकृतिक खूबसूरती के साथ यहां का ऐतिहासिक महत्व भी पर्यटकों को आकर्षित करता है। अगर आपको प्राचीन इतिहास और विरासत स्थलों में रुचि है, तो हमारी भारत की 5 सबसे प्राचीन गुफाएँ गाइड भी जरूर पढ़ें।


            दिलवाड़ा जैन मंदिर माउंट आबू शहर से लगभग 2.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। अगर आप शांत वातावरण, आध्यात्मिक अनुभव और भारतीय शिल्पकला की उत्कृष्ट मिसाल देखना चाहते हैं, तो यह स्थान आपकी यात्रा की सूची में जरूर होना चाहिए। 

5. गुरु शिखर - Guru Shikhar Mount Abu

माउंट आबू से लगभग 16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गुरु शिखर अरावली पर्वतमाला की सबसे ऊँची चोटी है। समुद्र तल से करीब 1,722 मीटर की ऊँचाई पर मौजूद यह स्थान माउंट आबू के सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में से एक है। यहाँ से दिखाई देने वाली पहाड़ियाँ, घाटियाँ और दूर तक फैला प्राकृतिक नज़ारा हर पर्यटक का मन मोह लेता है।

गुरु शिखर पर स्थित दत्तात्रेय मंदिर भगवान विष्णु के दत्तात्रेय अवतार को समर्पित है और श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र माना जाता है। मंदिर तक पहुँचने के लिए कुछ सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं, लेकिन ऊपर पहुँचकर मिलने वाला मनोरम दृश्य सारी थकान भुला देता है। मंदिर का शांत वातावरण और यहाँ लगी विशाल पीतल की घंटी इस जगह की आध्यात्मिक अनुभूति को और भी खास बना देती है।

अगर आप माउंट आबू की यात्रा पर हैं, तो गुरु शिखर के लिए थोड़ा समय जरूर निकालें। यहाँ प्रकृति की खूबसूरती, धार्मिक आस्था और पहाड़ों की ताज़ी हवा तीनों का आनंद एक साथ लिया जा सकता है।

   माउंट आबू की हरियाली और शांत वातावरण के बाद अगर आप किसी एडवेंचर ट्रिप की तलाश में हैं, तो लद्दाख यात्रा गाइड 2026 आपके लिए उपयोगी हो सकती है।

अरावली पर्वतमाला की सबसे ऊँची चोटी गुरु शिखर

6. टॉड रॉक -Toad Rock Mount Abu

माउंट आबू का एक और लोकप्रिय आकर्षण टॉड रॉक (Toad Rock) है, जो नक्की झील के पास स्थित है। इस जगह तक पहुँचने के लिए करीब 250 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं। रास्ता थोड़ा चढ़ाई वाला जरूर है, लेकिन ऊपर पहुँचते ही दिखाई देने वाला खूबसूरत नज़ारा सारी थकान भुला देता है।

टॉड रॉक एक विशाल प्राकृतिक चट्टान है, जिसकी आकृति मेंढक (Toad) जैसी दिखाई देती है। इसी वजह से इसका नाम टॉड रॉक पड़ा। यहाँ से नक्की झील, आसपास की पहाड़ियाँ और माउंट आबू का मनमोहक दृश्य साफ दिखाई देता है।

अगर आपको ट्रैकिंग, फोटोग्राफी या प्राकृतिक नज़ारे पसंद हैं, तो यह जगह आपकी यात्रा का यादगार हिस्सा बन सकती है। सुबह और शाम के समय यहाँ का शांत वातावरण और खूबसूरत दृश्य पर्यटकों को खासा आकर्षित करते हैं।

नक्की झील के पास स्थित टॉड रॉक का प्राकृतिक दृश्य

Toad Rock Mount Abu

7.  गोमुख मंदिर - Gaumukh Mandir

माउंट आबू शहर से लगभग 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गोमुख मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन धार्मिक स्थल है। इस मंदिर तक पहुँचने के लिए करीब 700 सीढ़ियाँ उतरनी पड़ती हैं। रास्ते में अरावली की हरियाली और शांत वातावरण यात्रा को और भी सुखद बना देते हैं।

मंदिर की सबसे खास बात यहाँ बनी गाय के मुख (गोमुख) से लगातार बहने वाली प्राकृतिक जलधारा है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इसी वजह से इस स्थान का नाम गोमुख मंदिर पड़ा। इस जलधारा का स्रोत आज भी लोगों के बीच जिज्ञासा का विषय बना हुआ है।

मंदिर परिसर में स्थापित विशाल नंदी की संगमरमर की प्रतिमा और सर्प की आकर्षक आकृतियाँ भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर खींचती हैं। अगर आप माउंट आबू में किसी शांत और आध्यात्मिक स्थान की तलाश में हैं, तो गोमुख मंदिर जरूर जाएँ।

माउंट आबू का प्राचीन गोमुख मंदिर और प्राकृतिक जलधारा

माउंट आबू की अन्य घूमने लायक जगहें

इस लेख में हमने माउंट आबू की 7 प्रमुख घूमने की जगहों के बारे में जानकारी दी है। अगर आपके पास थोड़ा अतिरिक्त समय है, तो इन जगहों के अलावा भी कई आकर्षक स्थल हैं, जिन्हें आप अपनी यात्रा का हिस्सा बना सकते हैं।

  • अर्बुदा देवी मंदिर (Arbuda Devi Temple)
  • सनसेट पॉइंट (Sunset Point)
  • हनीमून पॉइंट (Honeymoon Point)
  • माउंट आबू वन्यजीव अभयारण्य (Mount Abu Wildlife Sanctuary)
  • रघुनाथ मंदिर (Raghunath Temple)
  • ब्रह्मा कुमारी मुख्यालय (Brahma Kumaris Headquarters)
  • यूनिवर्सल पीस हॉल (Universal Peace Hall)
  • ट्रेवर्स टैंक (Trevor's Tank)
  • चम्पा गुफा (Champa Cave)

अगर आप माउंट आबू में 2–3 दिन रुकने का प्लान बना रहे हैं, तो इन जगहों को भी अपनी यात्रा में शामिल कर सकते हैं। इससे आपको माउंट आबू की संस्कृति, प्राकृतिक खूबसूरती और यहाँ के शांत माहौल को और करीब से अनुभव करने का अवसर मिलेगा।

अगर आप शांत वातावरण, प्राकृतिक खूबसूरती और कम भीड़ वाली जगहों को एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो उत्तराखंड की ऑफबीट जगहें आपकी अगली यात्रा के लिए एक शानदार विकल्प हो सकती हैं।

माउंट आबू जाने का सही समय (Best Time to Visit Mount Abu)

माउंट आबू ऐसा पर्यटन स्थल है, जहाँ पूरे साल पर्यटक घूमने आते हैं। हालांकि, सितंबर से मार्च के बीच का मौसम सबसे सुहावना माना जाता है। इस दौरान ठंडी हवा और आरामदायक तापमान की वजह से घूमने का अनुभव और भी अच्छा रहता है।

अगर आप गर्मियों में यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो अप्रैल से जून भी अच्छा समय है। राजस्थान के अन्य शहरों की तुलना में माउंट आबू का मौसम इस दौरान काफी ठंडा रहता है और तापमान सामान्यतः 23°C से 30°C के बीच रहता है। यही कारण है कि गर्मियों की छुट्टियों में भी यहाँ पर्यटकों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिलती है.

माउंट आबू कैसे पहुँचें (How to Reach Mount Abu)

हवाई मार्ग: माउंट आबू का सबसे नज़दीकी हवाई अड्डा महाराणा प्रताप एयरपोर्ट, उदयपुर है, जो लगभग 180 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। एयरपोर्ट से टैक्सी या बस के माध्यम से आसानी से माउंट आबू पहुँचा जा सकता है।

रेल मार्ग: अगर आप ट्रेन से यात्रा करना चाहते हैं, तो आबू रोड रेलवे स्टेशन माउंट आबू का सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन है। स्टेशन से माउंट आबू लगभग 28 किलोमीटर दूर है, जहाँ टैक्सी और बस की सुविधा आसानी से मिल जाती है।

सड़क मार्ग: दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद, उदयपुर और राजस्थान के कई प्रमुख शहरों से माउंट आबू के लिए नियमित बस और टैक्सी सेवाएँ उपलब्ध हैं। अगर आप अपनी कार से यात्रा करना पसंद करते हैं, तो सड़क मार्ग भी एक आरामदायक और सुंदर विकल्प है।

2 दिन का माउंट आबू यात्रा प्लान

अगर आपके पास माउंट आबू घूमने के लिए 2 दिन हैं, तो इस यात्रा प्लान की मदद से आप यहाँ की ज्यादातर प्रमुख जगहें आराम से देख सकते हैं।

पहला दिन

अपनी यात्रा की शुरुआत नक्की झील से करें। यहाँ बोटिंग का आनंद लेने के बाद पास स्थित टॉड रॉक तक छोटी-सी ट्रैकिंग करें और आसपास के खूबसूरत नज़ारों का आनंद लें। इसके बाद दिलवाड़ा जैन मंदिर की अद्भुत वास्तुकला और शांत वातावरण का अनुभव करें। शाम के समय सनसेट पॉइंट से डूबते सूरज का खूबसूरत दृश्य देखें और रात में नक्की झील के आसपास के स्थानीय बाज़ार और कैफ़े में कुछ समय बिताएँ।

दूसरा दिन

सुबह जल्दी गुरु शिखर पहुँचें और अरावली पर्वतमाला के शानदार नज़ारों का आनंद लें। इसके बाद अचलगढ़ किला और अचलेश्वर महादेव मंदिर घूम सकते हैं। अगर समय बचता है, तो गोमुख मंदिर या अर्बुदा देवी मंदिर भी अपनी यात्रा में शामिल करें। वापसी से पहले ब्रह्मा कुमारी मुख्यालय या यूनिवर्सल पीस हॉल जाकर कुछ समय शांत वातावरण में बिताना एक अच्छा अनुभव हो सकता है।

यात्रा सुझाव: अगर आप अपनी कार या बाइक से यात्रा कर रहे हैं, तो सुबह जल्दी निकलने की कोशिश करें। इससे भीड़ कम मिलेगी, मौसम भी सुहावना रहेगा और आप बिना जल्दबाज़ी के सभी प्रमुख जगहों का आनंद ले पाएँगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. माउंट आबू घूमने का सबसे अच्छा समय कौन-सा है

माउंट आबू पूरे साल घूमने लायक जगह है, लेकिन सितंबर से मार्च के बीच का मौसम सबसे सुहावना रहता है। अगर आप ठंडी हवा और आरामदायक मौसम का आनंद लेना चाहते हैं, तो इसी समय यात्रा की योजना बनाना बेहतर रहेगा।

2. माउंट आबू घूमने के लिए कितने दिन पर्याप्त हैं

अगर आप नक्की झील, गुरु शिखर, दिलवाड़ा जैन मंदिर, अचलगढ़ किला और अन्य प्रमुख जगहें आराम से देखना चाहते हैं, तो 2 से 3 दिन का समय पर्याप्त माना जाता है।

3. माउंट आबू में सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कौन-कौन से हैं

माउंट आबू में नक्की झील, गुरु शिखर, दिलवाड़ा जैन मंदिर, टॉड रॉक, अचलगढ़ किला, अचलेश्वर महादेव मंदिर और गोमुख मंदिर सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल हैं।

4. क्या माउंट आबू परिवार के साथ घूमने के लिए अच्छा स्थान है

हाँ, माउंट आबू परिवार, दोस्तों और कपल्स सभी के लिए एक बेहतरीन पर्यटन स्थल है। यहाँ प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक स्थल, शांत वातावरण और कई दर्शनीय स्थान मौजूद हैं, जिनका आनंद हर उम्र के लोग ले सकते हैं।

5. माउंट आबू कैसे पहुँचा जा सकता है

माउंट आबू का सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन आबू रोड है, जो लगभग 28 किलोमीटर दूर स्थित है। हवाई यात्रा करने वाले पर्यटक उदयपुर के महाराणा प्रताप एयरपोर्ट तक पहुँचकर वहाँ से टैक्सी या बस के माध्यम से माउंट आबू जा सकते हैं। सड़क मार्ग से भी यह राजस्थान और गुजरात के प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।

6. माउंट आबू घूमने में कितना खर्च आता है

यह आपकी यात्रा के तरीके, होटल और रहने के दिनों पर निर्भर करता है। सामान्य तौर पर 2 दिन की यात्रा का खर्च प्रति व्यक्ति लगभग ₹4,000 से ₹10,000 के बीच हो सकता है। यदि आप लग्ज़री होटल चुनते हैं, तो बजट इससे अधिक भी हो सकता है।

7. क्या माउंट आबू में बोटिंग की सुविधा उपलब्ध है

हाँ, नक्की झील में पैडल बोट और शिकारा जैसी बोटिंग सुविधाएँ उपलब्ध हैं। शाम के समय बोटिंग का अनुभव सबसे अधिक पसंद किया जाता है।

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