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भारत के उतराखंड राज्य मे स्थित हरिद्वार हिंदुओं का प्रमुख पवित्र तीर्थ स्थान है हरिद्वार का अर्थ है हरि (ईश्वर) का द्वार हरिद्वार मे ही गंगा पहली बार मैदानी इलाकों मे प्रवेश करती है माना जाता है कि समंदर मंथन के समय घड़े से चार स्थानों पर अमृत की बूँदे गिरी थी और वे स्थान है हरिद्वार, उज्जेन, नासिक और प्रयाग जहाँ बारी बारी हर 12 साल मे कुंभ का मेला लगता है हरिद्वार भारत का सबसे लोकप्रिय पर्यटक स्थल भी है यहाँ सालभर देश विदेश से लाखों की संख्या में पर्यटक आते हैं हरिद्वार भारत का ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे पुराने शहरों में से एक है बहुत लोग हरिद्वार मे केवल गंगा स्नान के लिए जाते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं हरिद्वार मे अनेकों ऐसी जगह है जो प्राचीन होने के साथ-साथ देखने योग्य भी है आज हम यहाँ जानेगे हरिद्वार स्थित 10 जगहों के बारे में
Rishikesh Travel Guide 2026
1. हर की पौड़ी-Har Ki Pauri Haridwar In Hindi
हरिद्वार की सबसे आकर्षक और लोकप्रिय जगह हर की पौड़ी हरिद्वार बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है जहाँ पर हरिद्वार आया हर पर्यटक गंगा स्नान के लिए जरूर आता है माना जाता है कि हर की पौड़ी पर स्नान करने से आदमी सभी दुखों से मुक्त हो जाता है क्योंकि हरिद्वार को हरि यानी ईश्वर का द्वार भी कहाँ जाता है ऐसा माना जाता है कि प्राचीन काल में इस जगह पर श्री हरि विष्णु जी ने एक पाँव यहाँ रखा था इसलिए इस जगह को हरि की पौड़ी (सीढ़ी) भी कहा जाता है|
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| Har Ki Pauri |
हर की पौड़ी का निर्माण पहली सदी मे राजा विक्रमादित्य ने अपने भाई भरथरी की याद मे करवाया था जो की दीर्घ काल तक यहाँ गंगा नदी के किनारे ध्यान करते थे यहाँ पहाड़ के नीचे एक गुफा भी है जहाँ भरथरी ध्यान करते थे जिस रस्ते से भरथरी गुफा से गंगा स्नान करने आते थे अब उसी जगह पर सीढ़ियां बनी हुई है जिनको हर की पौड़ी कहते है यह भी माना जाता है कि समंदर मन्थन के समय कलश से अमृत की एक बूंद यहाँ भी गिर गई थी हर की पौड़ी हरिद्वार के सभी घाटों मे से सबसे पवित्र घाट है हर की पौड़ी पर हर रोज सुबह और शाम गंगा माता की आरती होती है जो यहाँ आए सभी पर्यटकों को खासा आकर्षित करती है
2. माता मंशा देवी मंदिर-Mansha Devi Temple Haridwar In Hindi
माता मंशा देवी हरिद्वार के मुख्य आकृषित स्थानों में से एक है यह माता के 52 शक्ति पिंडो मे से एक है मंशा देवी मंदिर हरिद्वार से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर बिलवा पहाड़ पर स्थित है हरिद्वार से माता मंशा देवी मंदिर पर आप तीन तरह से जा सकते है आप यहाँ सीढ़ियों, सड़क और रोपवे के द्वारा जा सकते है यहाँ सालभर हजारों की संख्या में पर्यटक माता के दर्शन करने आते है मंदिर सुबह 5 बजे से रात 9 बजे तक भक्तों के लिए खुलता है मंदिर में माता की दो मूर्तिया है एक मूर्ति मे माता की पंच भुजाएँ और मुख है और दूसरी मूर्ति मे आठ भुजाएँ है यहाँ स्थित पेड़ पर धागा बाधने से माता मन चाही मुराद पूरी करती है मुराद पूरी होने पर भक्त धागा खोलने जाते है और माता का आशीर्वाद प्राप्त करते है|
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Mata Mansha Devi Mandir |
हरिद्वार स्थित तीन पीठों मे से एक चंडी देवी हिमालय के नील पर्वत पर स्थित है यह माता के 52 शक्ति पीठों मे से एक है यहाँ आए भक्त कभी खाली हाथ नहीं लौटते इसलिए सालभर यहाँ पर्यटक आते रहते है यहाँ माता को चंडिका के रूप में जाना जाता है|
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Chandi Devi Ropeway |
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माना जाता है कि आदि काल में शुंभ निशुंभ दो राक्षक थे जिन्होंने भगवान इंद्र पर विजय प्राप्त कर के स्वर्ग पर अपना राज स्थापित किया और देवताओं को वहाँ से निकाल दिया इस पर देवताओं ने माता पार्वती से विनती की और माता ने चंडी रूप धारण किया और दोनों राक्षसों को मार डाला माना जाता है कि माता ने यहाँ नील पर्वत कुछ देर विश्राम किया था जहाँ आज माता का मंदिर बना हुआ है माता अपने सभी भक्तों की मनोकामना पूरी करती है यहाँ आप आप हरिद्वार से पैदल या फिर रोपवे से माता के मंदिर जा सकते है|
4. दक्ष महादेव-Daksh Mahadev Haridwar In Hindi
हरिद्वार हर की पौड़ी से लगभग 3 किलोमीटर दूर मंदिर वाली गली में स्थित यह मंदिर भगवान शिवजी को समर्पित है माना जाता है कि सती पिता प्रजापति दक्ष ने एक बार यही पर एक यज्ञ करवाया जिसमें उन्होंने सभी देवताओं को आमन्त्रित किया लेकिन शिवजी को आमन्त्रित नहीं किया इस पर माता सती को बहुत क्रोध आया और उन्होंने उसी यज्ञ की अग्नि में अपने प्राण त्याग दिया जिस पर भगवान शिवजी के कहने पर वीरभद्र ने प्रजापति दक्ष का सिर काट दिया बाद में शिवजी ने दक्ष को बकरे का सिर लगा दिया और प्रजापति दक्ष को कहा कि यह मंदिर हमेशा तुम्हारे नाम से ही रहेगा इस मंदिर का निर्माण रानी धनकोर ने 1810 ई मे करवाया था|
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Daksh Mahadev Mandir |
जिस यज्ञ की अग्नि में माता सती ने अपना शरीर त्याग दिया था वह अग्नि आज भी यहाँ प्रज्वलित है मंदिर के गर्भ भाग में भगवान शिवजी की मूर्ति लैंगिक रूप में विराजमान हैं यहाँ भगवान विष्णु के चरणों के निशान मौजूद हैं जिनके दर्शन के लिए हजारों पर्यटक यहाँ आते है अगर आप हरिद्वार घूमने जा रहे हैं तो दक्ष महादेव को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करे|
5. पावन धाम-Pawan Dham Temple Haridwar
दक्ष महादेव से कुछ दूरी पर स्थित पावन धाम मंदिर हरिद्वार की सबसे लोकप्रिय जगह है इस मंदिर का निर्माण स्वामी वेदांत महाराज ने 1970 मे करवाया था यह मंदिर देश और दुनिया में अपने कांच की मूर्तियों और कलाकृति के लिए जाना जाता है यह मंदिर देखने वालों को खासा आकर्षित करता है|
6. भारत माता मंदिर-Bharat Mata Temple Haridwar In Hindi
भारत माता को समर्पित देश का एक मात्र मंदिर हरिद्वार में स्थित है आठ मंजिला यह मंदिर 180 फीट ऊंचा है इस मंदिर की हर मंजिल देवी देवताओं और देश की आजादी मे भाग लेने वाले भारत माता के वीर सपूतों को समर्पित है मंदिर से हिमालय और हरिद्वार की सुंदरता देखी जा सकती है मंदिर को देखने के लिए आप सीढ़ियों या फिर लिफ्ट का प्रयोग कर सकते है यह मंदिर सप्त ऋषि आश्रम के पास मे है मंदिर के पहले मंजिल पर भारत माता की भव्य और विशाल मूर्ति है|
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सप्त ऋषि आश्रम हरिद्वार का एक और प्रमुख दर्शनिय स्थल है जो हरिद्वार से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है माना जाता है कि यह जगह हिंदुओं के प्रमुख सप्त ऋषियों का तपस्या स्थल है ये प्रमुख सप्त ऋषि थे कश्यप, अत्री, वशिष्ठ, जमदग्नी, गौतम, विश्वामित्र और भारद्वाज माना जाता है कि जब माता गंगा स्वर्ग लोक से धरती पर आ रही थी तो यहाँ सप्त ऋषि घोर तपस्या कर रहे थे यह देख माता गंगा ने अपने आप को सात धाराओ मे विभाजित कर लिया ताकि सप्त ऋषियों की तपस्या में कोई विघन ना हो आगे चल कर ये सात धाराएँ एक सुंदर चैनल का निर्माण करती है जिसे नील धारा कहते हैं|
8. भीम गौड़ा-Bhimgoda Haridwar
भीम गौड़ा हरिद्वार का एक और प्रमुख आकर्षण है जो हर की पौड़ी के निकट स्थित है भीम गौड़ा को लेकर अलग अलग मान्यता है कुछ लोग कहते है की महाभारत युद्ध के बाद पांडव और द्रोपती जब स्वर्ग को जा रहे थे तो द्रोपती को प्यास लगने पर भीम ने अपने पाँव का गौड़ा मार कर पानी निकाल दिया था जहाँ आज एक कुंड बना हुआ है इसे गुप्त गंगा भी कहते है यहाँ एक प्राचीन मंदिर भी है पांडवों ने यहाँ रुद्राक्ष ध्यान किया था जिस रुद्राक्ष से 11 शिवलिंग निकले थे|
हरिद्वार से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित चीला वन्य जीव अभ्यारण हरिद्वार का एक और प्रमुख आकर्षण है वन्य जीव और प्राकृति प्रेमी इस जगह को खासा पसन्द करते हैं यहाँ अनेकों वन्य जीव की प्रजापति आप देख सकते हैं जैसे हाथी, बाग, भालु आदि यह जगह हाथियों के लिए काफी प्रसिद्ध है हरिद्वार में मंदिरों और घाटों को देख कर आप यहाँ भी आनंद उठा सकते हैं|
10. क्रिस्टल वर्ल्ड-Crystal World Haridwar In Hindi
हरिद्वार दिल्ली रोड पर हरिद्वार से 18 किलोमीटर पहले स्थित क्रिस्टल वर्ल्ड एक बहुत बड़ा वाटर पार्क है हरिद्वार से आते या जाते समय आप यहाँ अपनी फैमिली के साथ खासा आनंद उठा सकते हो और अपने सफर की थकान को दूर कर सकते हो यहाँ ठहरने के लिए कमरे और खाने के लिए रेस्टोरेंट उपलब्ध है बुकिंग के लिए आप क्रिस्टल वर्ल्ड की वेबसाइट का इस्तेमाल कर सकते है
भारत की प्रमुख धर्म नगरी हरिद्वार देश का सबसे लोकप्रिय पर्यटक स्थल है यहाँ आप देश के किसी भी कोने से बड़ी आसानी से पहुँच सकते है
बस से कैसे पहुँचे-How To Reach Haridwar By Bus
दिल्ली से हरिद्वार लगभग 230 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है दिल्ली से 6 से 7 घंटे में आप बड़ी आसानी से हरिद्वार पहुँच सकते है यहाँ से आप राज्य परिवहन की बस या वॉल्वो बस ले सकते है इसके अलावा उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, आदि से हरिद्वार की सीधी बसे मिल जाती है
रेल से कैसे पहुँचे-How To Reach Haridwar By Train
हरिद्वार रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड बिल्कुल आमने- सामने है दिल्ली से हरिद्वार के लिए अनेकों ट्रेन चलती है इसके अलावा भारत के अनेकों राज्यो से भी हरिद्वार के लिए सीधी ट्रेन मिल जाती है
हवाई जहाज से कैसे पहुँचे-How To Reach Haridwar By Flights
हरिद्वार के सबसे नजदीकी हवाई अड्डा जॉली ग्रांट हवाई अड्डा देहरादून है जो हरिद्वार से लगभग से लगभग 42 किलोमीटर की दूरी पर है यहाँ से हरिद्वार आप बस या टैक्सी से पहुँच सकते है









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