13 Best Place to Visit in Jaipur,13 tourist places in jaipur
Top 13 Tourist Places in Jaipur: Complete Travel Guide for 2026
राजस्थान का नाम आते ही हमारे मन में सबसे पहले राजा-महाराजाओं, राजपूतों, किलों और महलों की तस्वीर आने लगती है। राजस्थान का इतिहास वीरता और बलिदान की कई कहानियों से जुड़ा हुआ है। यहां के राजाओं और योद्धाओं ने अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए कई संघर्ष किए और अपना जीवन तक बलिदान कर दिया।
राजस्थान की यही ऐतिहासिक विरासत आज भी देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। इसी राज्य की राजधानी जयपुर को गुलाबी नगरी (Pink City) के नाम से जाना जाता है। शहर की पुरानी इमारतों का गुलाबी रंग और यहां मौजूद ऐतिहासिक किले व महल जयपुर को एक अलग पहचान देते हैं।
अगर आपको इतिहास, पुराने महल और राजस्थानी संस्कृति को करीब से देखना पसंद है, तो जयपुर की यात्रा आपको जरूर पसंद आएगी। यहां घूमने के लिए कई ऐसी ऐतिहासिक जगहें हैं, जहां आपको राजस्थान के पुराने राजघरानों और उनकी शानदार वास्तुकला की झलक देखने को मिलती है।
तो चलिए जानते हैं जयपुर में घूमने की प्रमुख ऐतिहासिक और खूबसूरत जगहों के बारे में।
जयपुर के अलावा राजस्थान में भी कई ऐसी जगहें हैं जहाँ इतिहास, संस्कृति और खूबसूरत नज़ारे एक साथ देखने को मिलते हैं। घूमने का प्लान बना रहे हैं तो राजस्थान ट्रैवल गाइड आपके लिए काफी मददगार रहेगा।
1. आमेर का किला (Amer Fort)
आमेर के किले से जुड़े कई ऐतिहासिक तथ्य मिलते हैं। एक मान्यता के अनुसार, 967 ईस्वी में मीणा शासक एलान सिंह ने यहां किले का निर्माण करवाया था। इसके बाद 1592 ईस्वी में कछवाहा राजपूत शासक राजा मानसिंह प्रथम ने आमेर में इस भव्य किले का निर्माण करवाया।
आमेर का किला अपनी शानदार वास्तुकला, खूबसूरत नक्काशी और भव्य महलों के लिए जाना जाता है। लाल बलुआ पत्थर और संगमरमर से बना यह किला दूर से ही काफी आकर्षक नजर आता है। किले के अंदर घूमते हुए आपको दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास और कई अन्य ऐतिहासिक हिस्से देखने को मिलेंगे।
अगर आप जयपुर के इतिहास, राजघरानों और उनकी शानदार वास्तुकला को करीब से देखना चाहते हैं, तो आमेर का किला आपकी जयपुर यात्रा में जरूर शामिल होना चाहिए।
2. जयगढ़ किला (Jaigarh Fort)
जयगढ़ किले का सबसे खास आकर्षण यहां रखी विशाल तोप “जयबाण” है। इसे दुनिया की सबसे बड़ी पहिएदार तोपों में से एक माना जाता है। किले में घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए यह तोप देखने लायक प्रमुख चीजों में से एक है।
जयबाण तोप से जुड़ी एक दिलचस्प कहानी भी काफी प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि इसका इस्तेमाल केवल एक बार किया गया था। उस समय तोप में करीब 100 किलो बारूद भरा गया था और इससे दागा गया गोला लगभग 35 किलोमीटर दूर चाकसू के पास जाकर गिरा था।
स्थानीय मान्यता के अनुसार, जिस जगह यह गोला गिरा था, वहां बाद में एक तालाब बन गया, जिसे “गोलीमार तालाब” के नाम से जाना जाता है।
स्थान: देवीसिंह पुरा (Devisingh Pura), जयपुर
समय: सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक
प्रवेश शुल्क: ₹70
3. नाहरगढ़ किला (Nahargarh Fort)
अगर आप जयपुर घूमने जा रहे हैं, तो नाहरगढ़ किला आपकी लिस्ट में जरूर होना चाहिए। अरावली की पहाड़ियों पर बना यह किला जयपुर शहर से करीब 12 किलोमीटर दूर है। 1734 ईस्वी में सवाई जय सिंह द्वितीय ने इसका निर्माण करवाया था। बाद में सवाई माधो सिंह के समय किले में कई नए हिस्से और निर्माण जोड़े गए।
किले के अंदर माधवेंद्र भवन देखने लायक जगह है। सवाई माधो सिंह ने अपनी नौ रानियों के लिए यहां नौ अलग-अलग महल बनवाए थे। इन महलों की सबसे खास बात यह है कि सभी का डिजाइन लगभग एक जैसा रखा गया था।
इन महलों के अलावा राजा के लिए भी अलग हिस्सा बनाया गया था। किले में घूमते हुए जब आप ऊंचाई वाले हिस्से तक पहुंचते हैं, तो वहां से पूरा जयपुर शहर नजर आता है। अगर मौसम साफ हो, तो यह नजारा काफी खूबसूरत दिखाई देता है। खासकर शाम के समय यहां से जयपुर का दृश्य देखने का अपना अलग ही मजा है।
स्थान: ब्रह्मपुरी (Brahampuri), जयपुर
समय: सुबह 10:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक
प्रवेश शुल्क: भारतीय पर्यटक ₹70, विदेशी पर्यटक ₹200
अगर जयपुर की शाही वास्तुकला आपको पसंद आई है, तो उदयपुर की खूबसूरत झीलें और महल भी आपको जरूर पसंद आएंगे। अपनी अगली यात्रा के लिए उदयपुर ट्रैवल गाइड देख सकते हैं।
4. हवा महल (Hawa Mahal)
जयपुर घूमने जाएं और हवा महल न देखें, ऐसा हो ही नहीं सकता। शहर के बीचों-बीच स्थित हवा महल अपनी अनोखी बनावट और गुलाबी रंग की वजह से दूर से ही आपका ध्यान खींच लेता है। कहा जाता है कि इसकी आकृति भगवान श्रीकृष्ण के मुकुट से प्रेरित है।
हवा महल का डिजाइन वास्तुकार लाल चंद उस्ता ने तैयार किया था और 1799 ईस्वी में महाराजा सवाई प्रताप सिंह ने इसका निर्माण करवाया था। लाल और गुलाबी बलुआ पत्थरों से बना यह पांच मंजिला महल जयपुर की राजपूती वास्तुकला की खूबसूरत मिसाल है।हवा महल की सबसे खास चीज इसकी 953 झरोखे हैं। इन छोटे-छोटे झरोखों से हवा महल के अंदर आसानी से आती-जाती थी। यही वजह है कि इसे “पैलेस ऑफ विंड्स” यानी हवाओं का महल भी कहा जाता है।
जब आप हवा महल के सामने खड़े होकर इसकी बारीक जाली और खूबसूरत नक्काशी देखते हैं, तो इसकी वास्तुकला की खासियत साफ नजर आती है। अगर जयपुर की पहली यात्रा है, तो इस जगह को देखने के लिए थोड़ा समय जरूर निकालें।
5. जल महल (Jal Mahal)
जयपुर की मानसागर झील के बीच बना जल महल शहर की सबसे अलग दिखने वाली जगहों में से एक है। झील के पानी के बीच बना यह महल दूर से देखने पर काफी खूबसूरत लगता है। अगर आप आमेर रोड से जा रहे हैं, तो रास्ते में कुछ देर रुककर जल महल का नजारा जरूर देख सकते हैं।
जल महल पांच मंजिला बताया जाता है, लेकिन इसकी चार मंजिलें पानी के अंदर हैं। इसी वजह से झील के ऊपर महल का सिर्फ ऊपरी हिस्सा दिखाई देता है। पानी के बीच बने होने के कारण इसे बाहर से देखना ही संभव है। फिलहाल जल महल के अंदर पर्यटकों को जाने की अनुमति नहीं है। इसलिए आप इसे झील के किनारे से ही देख सकते हैं। साफ मौसम में पानी में दिखाई देता महल का प्रतिबिंब काफी अच्छा लगता है।
जल महल परिसर में एक बड़ी नर्सरी भी है, जहां एक लाख से ज्यादा पेड़-पौधे होने की जानकारी मिलती है। जयपुर घूमते समय अगर आप आमेर रोड की तरफ जा रहे हैं, तो जल महल को अपनी sightseeing list में शामिल कर सकते हैं।
6. जन्तर मन्तर (Jantar Mantar)
जयपुर घूमते समय अगर आपको इतिहास के साथ विज्ञान में भी दिलचस्पी है, तो जंतर-मंतर जरूर देखने जाएं। यह जगह सिर्फ एक पुरानी इमारत नहीं है, बल्कि यहां बने विशाल यंत्रों के जरिए पुराने समय में खगोलीय गणनाएं की जाती थीं।
भारत में जंतर-मंतर की पांच ऐतिहासिक वेधशालाएं जयपुर, दिल्ली, वाराणसी, उज्जैन और मथुरा में बनाई गई थीं। इनमें जयपुर का जंतर-मंतर सबसे बड़ा है। इसे सवाई जय सिंह द्वितीय ने बनवाया था और इसका निर्माण 1738 ईस्वी के आसपास पूरा हुआ। इसकी ऐतिहासिक खासियत को देखते हुए इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल किया गया है।
यहां आपको पत्थर और ईंट से बने कई बड़े-बड़े खगोलीय यंत्र देखने को मिलेंगे। इनमें सम्राट यंत्र सबसे खास है, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी पत्थर से बनी सूर्य घड़ियों में से एक माना जाता है। पुराने समय में इन यंत्रों की मदद से समय मापने और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति समझने जैसी कई खगोलीय गणनाएं की जाती थीं।
जंतर-मंतर में घूमते हुए इन विशाल यंत्रों को करीब से देखना काफी दिलचस्प लगता है। अगर आप जयपुर में किले और महल देखने के साथ कुछ अलग अनुभव करना चाहते हैं, तो जंतर-मंतर को अपनी लिस्ट में जरूर रखें।
स्थान: कनवर नगर (Kanwar Nagar), जयपुर
समय: सुबह 9:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक
प्रवेश शुल्क: भारतीय पर्यटक ₹50, विदेशी पर्यटक ₹200
जयपुर घूमने के बाद अगर आप दिल्ली की ऐतिहासिक जगहों और प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को भी देखना चाहते हैं, तो हमारा दिल्ली में घूमने की 10 सबसे प्रमुख जगहें भी पढ़ सकते हैं।
7. सिटी पैलेस (City Palace)
जयपुर के बीचों-बीच बना सिटी पैलेस उन जगहों में से है, जहां घूमते हुए आपको शहर के पुराने राजघराने की झलक देखने को मिलती है। यहां कई खूबसूरत इमारतें और ऐतिहासिक हिस्से हैं, जिनमें चंद्र महल, मुबारक महल, महारानी महल, प्रीतम निवास, दीवान-ए-खास और दीवान-ए-आम प्रमुख हैं।
सिटी पैलेस में घूमते समय दीवान-ए-आम में रखे दो बड़े चांदी के बर्तन जरूर देखें। इन्हें दुनिया के सबसे बड़े चांदी के बर्तनों में शामिल किया जाता है। बताया जाता है कि इन्हें करीब 14,000 चांदी के सिक्कों को पिघलाकर बिना किसी जोड़ के बनाया गया था।
हर बर्तन का वजन लगभग 340 किलोग्राम बताया जाता है और इनमें करीब 4,000 लीटर पानी आ सकता है। इतने बड़े चांदी के बर्तनों को सामने से देखना अपने आप में काफी अलग अनुभव है और इससे उस समय के राजघराने की शाही जीवनशैली का अंदाजा भी लगाया जा सकता है।
अगर आप जयपुर के पुराने महलों, राजघराने की चीजों और ऐतिहासिक वास्तुकला को करीब से देखना चाहते हैं, तो सिटी पैलेस को अपनी जयपुर यात्रा में जरूर शामिल करें।
स्थान: जलेबी चौक (Jalebi Chowk), जयपुर
समय: सुबह 9:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक
प्रवेश शुल्क: भारतीय पर्यटक ₹40, विदेशी पर्यटक ₹300
8. अल्बर्ट हॉल म्यूजियम (Albert Hall Museum)
जयपुर के राम निवास गार्डन में बना अल्बर्ट हॉल म्यूजियम शहर की ऐतिहासिक इमारतों में से एक है। करीब 150 साल पुराने इस संग्रहालय की इमारत बाहर से जितनी खूबसूरत दिखाई देती है, अंदर रखी चीजें भी उतनी ही दिलचस्प हैं। अगर आपको इतिहास और पुरानी कलाकृतियों में रुचि है, तो जयपुर घूमते समय यहां जाना अच्छा रहेगा।

म्यूजियम के अंदर आपको धातु की मूर्तियां, पुराने चित्र, हाथी दांत की कलाकृतियां, रंगीन क्रिस्टल और अलग-अलग तरह के कालीन देखने को मिलेंगे। यहां रखी इन चीजों को देखते हुए आपको पुराने समय की कला और लोगों की जीवनशैली के बारे में काफी कुछ जानने को मिलता है।
अल्बर्ट हॉल के ठीक सामने जयपुर का चिड़ियाघर भी है। अगर आप दोनों जगह देखना चाहते हैं, तो एक ही ट्रिप में इन्हें कवर करना आसान रहेगा।
स्थान: कैलाश पुरी, आदर्श नगर (Kailash Puri, Adarsh Nagar), जयपुर
समय: सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक और शाम 7:00 बजे से रात 10:00 बजे तक
प्रवेश शुल्क: भारतीय पर्यटक ₹20, विदेशी पर्यटक ₹150
9. चोखी ढाणी (Chokhi Dhani)
जयपुर घूमने के दौरान अगर आप राजस्थान की संस्कृति और गांव के पारंपरिक माहौल को करीब से देखना चाहते हैं, तो चोखी ढाणी जरूर जा सकते हैं। यहां आपको राजस्थानी सजावट, लोक संस्कृति और गांव जैसा माहौल देखने को मिलता है। यही वजह है कि जयपुर आने वाले पर्यटकों के बीच यह जगह काफी लोकप्रिय है।
चोखी ढाणी की शुरुआत 1989 में हुई थी। इसके नाम का अर्थ “अच्छा गांव” होता है। यहां घूमते हुए आपको राजस्थान के पारंपरिक रहन-सहन और लोक संस्कृति की कई झलकियां देखने को मिलती हैं। शाम के समय यहां का माहौल और भी अच्छा लगता है, इसलिए इस जगह को शाम की outing के लिए रखा जा सकता है।
अगर आप जयपुर के किले और महल देखने के साथ राजस्थान की संस्कृति का अलग अनुभव लेना चाहते हैं, तो चोखी ढाणी को अपनी जयपुर यात्रा में शामिल कर सकते हैं।स्थान: 12 Miles Tonk Road, Sitapur, Jaipur
समय: शाम 5:00 बजे से रात 11:00 बजे तक
प्रवेश शुल्क: कपल के लिए लगभग ₹1,500
10.बिरला मन्दिर (Birla Mandir)
जयपुर घूमते समय बिरला मंदिर को भी देखा जा सकता है। मोती डूंगरी पहाड़ी की तलहटी में बना यह मंदिर सफेद संगमरमर से तैयार किया गया है और दूर से ही काफी सुंदर दिखाई देता है। इसे लक्ष्मी नारायण मंदिर के नाम से भी जाना जाता है।
बिरला मंदिर का निर्माण 1980 में बिरला फाउंडेशन ने करवाया था। मंदिर की सफेद संगमरमर की दीवारों पर की गई बारीक नक्काशी और आसपास का शांत माहौल यहां आने वाले लोगों को काफी पसंद आता है।
अगर आप जयपुर घूमने के दौरान कुछ समय शांत जगह पर बिताना चाहते हैं, तो यहां जरूर आ सकते हैं। मंदिर की वास्तुकला देखने में भी काफी खूबसूरत है।
स्थान: जवाहर लाल नेहरू मार्ग, तिलक नगर, जयपुर
समय: सुबह 8:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और शाम 4:00 बजे से रात 8:00 बजे तक
प्रवेश शुल्क: निःशुल्क
11. राज मन्दिर सिनेमा (Raj Mandir Cinema)
जयपुर का राज मंदिर सिनेमा अपनी अनोखी वास्तुकला और भव्य इंटीरियर के लिए काफी मशहूर है। इसका उद्घाटन 1 जून 1976 को हुआ था और इसे तैयार होने में करीब एक दशक का समय लगा। अपनी खास बनावट की वजह से इसे “प्राइड ऑफ एशिया” के नाम से भी जाना जाता है।
राज मंदिर के अंदर एक साथ करीब 1,300 लोग फिल्म देख सकते हैं। यहां दिखाई जाने वाली शुरुआती फिल्मों में “चरस” का नाम लिया जाता है। अगर आपको फिल्में देखना पसंद है, तो जयपुर घूमते समय राज मंदिर की अनोखी इमारत को बाहर से जरूर देख सकते हैं।
स्थान: भगवान दास रोड, अशोक नगर, जयपुर
समय: फिल्म के शो के अनुसार
जयपुर का राम निवास गार्डन शहर की पुरानी और खूबसूरत जगहों में से एक है। इसका निर्माण महाराजा सवाई राम सिंह ने 1868 में करवाया था। करीब 30 एकड़ में फैले इस गार्डन में आपको हरियाली के साथ खुला और शांत माहौल देखने को मिलता है।
अगर आप जयपुर की ऐतिहासिक जगहों को देखने के बीच कुछ समय आराम से घूमना चाहते हैं, तो राम निवास गार्डन जा सकते हैं। यहां टहलने के साथ हॉर्स राइडिंग का आनंद भी लिया जा सकता है।
स्थान: अशोक नगर (Ashok Nagar), जयपुर
समय: सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक
प्रवेश शुल्क: भारतीय पर्यटक ₹10, विदेशी पर्यटक ₹100
13. पन्ना मीना का कुंड (Panna Meena Kund)
आमेर किले के पास स्थित पन्ना मीना का कुंड जयपुर की पुरानी ऐतिहासिक जगहों में से एक है। इसकी चारों तरफ बनी सीढ़ियां और पुराने समय की बनावट इसे बाकी जगहों से थोड़ा अलग बनाती है। पहले के समय में इस बावड़ी का इस्तेमाल पानी जमा करने के लिए किया जाता था।

केंद्र सरकार ने कुछ समय पहले देश की 16 प्राचीन बावड़ियों पर डाक टिकट जारी किए थे, जिनमें पन्ना मीना का कुंड भी शामिल था।
स्थान: आमेर रोड, जयपुर
समय: सुबह 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक
प्रवेश शुल्क: निःशुल्क
Best Time to Visit Jaipur – जयपुर घूमने का सबसे अच्छा समय
जयपुर घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच रहता है। इन महीनों में मौसम सुहावना होता है, इसलिए आमेर किला, हवा महल, सिटी पैलेस जैसी जगहों को घूमने में ज्यादा परेशानी नहीं होती।
अक्टूबर और नवंबर में दिन का मौसम काफी आरामदायक रहता है। दिसंबर और जनवरी में सुबह-शाम ठंड रहती है, इसलिए हल्के गर्म कपड़े साथ रखना अच्छा रहेगा। वहीं फरवरी और मार्च में मौसम फिर से खुशनुमा हो जाता है और घूमने के लिए दिन अच्छे रहते हैं।
अप्रैल से जून के बीच जयपुर में गर्मी काफी बढ़ जाती है, खासकर दोपहर के समय। जुलाई से सितंबर तक बारिश हो सकती है, इसलिए इस दौरान घूमने का प्लान मौसम देखकर बनाना बेहतर रहता है।
अगर आप पहली बार जयपुर जा रहे हैं और आराम से शहर घूमना चाहते हैं, तो अक्टूबर से मार्च का समय चुन सकते हैं।
जयपुर की शाही खूबसूरती couples को भी काफी पसंद आती है। अगर आप ऐसी ही romantic destinations की तलाश में हैं, तो भारत की 10 सबसे Romantic Honeymoon Places वाली हमारी गाइड भी पढ़ सकते हैं।
Jaipur का Famous Local Food – जयपुर में क्या खाएं
जयपुर घूमने आए हैं, तो यहां के राजस्थानी खाने का स्वाद लेना भी ट्रिप का एक हिस्सा होना चाहिए। शहर में आपको कई ऐसे पारंपरिक व्यंजन मिल जाएंगे, जिन्हें चखकर राजस्थान के खाने का अलग स्वाद महसूस कर सकते हैं।
जयपुर में दाल बाटी चूरमा जरूर ट्राई करें। इसके साथ प्याज की कचौरी, मिर्ची बड़ा, गट्टे की सब्जी, केर-सांगरी और राजस्थानी थाली भी यहां काफी पसंद की जाती है।
मीठे में घेवर और मावा कचौरी का स्वाद लिया जा सकता है। जयपुर के पुराने बाजारों और आसपास की दुकानों में आपको ये चीजें आसानी से मिल जाएंगी।
अगर आप पहली बार जयपुर जा रहे हैं, तो राजस्थानी थाली और प्याज की कचौरी जरूर खाकर देखें। घूमने के साथ जयपुर के स्थानीय खाने का स्वाद लेना आपकी ट्रिप को और यादगार बना सकता है।
जयपुर घूमने से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. जयपुर घूमने का सबसे अच्छा समय कौन सा है
जयपुर घूमने के लिए अक्टूबर से मार्च का समय सबसे अच्छा रहता है। इन महीनों में मौसम सुहावना होता है और किले, महल व दूसरे पर्यटन स्थलों को आराम से देखा जा सकता है।
2. जयपुर में घूमने की सबसे अच्छी जगह कौन सी हैं
जयपुर में आमेर किला, हवा महल, सिटी पैलेस, नाहरगढ़ किला, जयगढ़ किला, जल महल और जंतर-मंतर जैसी कई प्रसिद्ध जगहें हैं। इन्हें देखने के लिए 2 से 3 दिन का समय रखना अच्छा रहेगा।
3. जयपुर का प्रसिद्ध स्थानीय खाना कौन सा है
जयपुर में दाल बाटी चूरमा, प्याज की कचौरी, मिर्ची बड़ा, गट्टे की सब्जी, केर-सांगरी और राजस्थानी थाली जरूर ट्राई करें। मीठे में घेवर और मावा कचौरी भी चख सकते हैं।
4. जयपुर को गुलाबी नगरी क्यों कहा जाता है
जयपुर की पुरानी इमारतों और शहर के कई हिस्सों में दिखाई देने वाले गुलाबी रंग की वजह से इसे गुलाबी नगरी (Pink City) कहा जाता है।
5. क्या जयपुर परिवार के साथ घूमने के लिए अच्छी जगह है
बिल्कुल। जयपुर में किले, महल, संग्रहालय, मंदिर और कई दूसरी जगहें हैं, जिन्हें परिवार के साथ देखा जा सकता है।
6. जयपुर में शाम के समय कहां घूम सकते हैं
शाम के समय नाहरगढ़ किला, जल महल और चोखी ढाणी को अपने प्लान में रखा जा सकता है। किसी भी जगह जाने से पहले उसके मौजूदा समय और प्रवेश नियम जरूर जांच लें।










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