5 Mysterious Places in India -भारत में उपस्थित आश्चर्यजनक जगह जहाँ विज्ञानं भी फेल है !

Amazing Place Present In India Where Science Also Fails


भारत एक ऐसा देश जहां अनेको धर्मो के लोग एक साथ मिलकर रहते है भारतीय भूमि अनेको चमत्कारो से भरी हुए है प्रकर्ति ने बहुत सी नायब चीजे और जगह भारत को प्रदान की है यहाँ पर मौजूद कुछ ऐसे जगह की देखने वाला अपने दाँतो तले उंगलिओ दबाने पर मजबूर जाता है आज हम आप को भारत में स्थित कुछ ऐसी ही जगहों के बारे में बतायेगे जो किसी अजूबे से कम नहीं है इन जगहों के बारे में आप ने शायद ही कभी देखा होगा और पढ़ा होगा तो आइये जानते है ऐसी ही कुछ आस्चर्यजनक जगहों के बारे में जहां विज्ञान भी फैल हो जाता है !

1. रत्नेश्वर मन्दिर वाराणसी  

                             वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पर स्थित यह मन्दिर किसी विश्व विरासत से कम नहीं है मीसा की विश्व विख्यात इमारत जोकि मात्र 5° झुकी हुई है जबकि यह मन्दिर 9° झुका हुआ है और मीसा की इमारत की ऊंचाई 54 मीटर है और रत्नेश्वर मन्दिर की ऊंचाई 74 मीटर है इसके बावजूद इस मन्दिर का नाम किसी विश्व विरासत में नहीं है!
 
                                             आइये जानते है इस मन्दिर को बनाने के बारे में यहाँ के स्थानिय लोगो की क्या राय है !
स्थानिय लोगो के अनुसार 15वी और 16वी शताब्दी में बहुत सारे राजा यहाँ रहने के लिए आये उनमे से एक थे राजा मानसिंह जिनका एक सेवक अपनी माँ रत्नाबाई के साथ आया वह अपनी माँ के दूध का क़र्ज़ उतारना चाहता था इसलिए उसने शिव मन्दिर का निर्माण करवाया और दूर दूर से शिल्पकारो को बुलवाया लेकिन जब उसकी माँ को पता चला की बेटा दूध का क़र्ज़ उतारना चाहता है तो उसकी माँ की भावनाओ को ठेस लगी !

                                             मन्दिर बन कर तैयार हो गया और बेटे ने अपनी माँ से क़र्ज़ की बात कहते हुए मन्दिर में दर्शन करने को कहा तो रत्नाबाई मन्दिर के बहार से ही प्रणाम कर के चलने लगी !इसपर बेटे ने माँ को रोक कर कहा की आप अन्दर दर्शन नहीं करोगे क्या ? तो माँ रत्नाबाई ने कहा कैसे करु मन्दिर तो सही बना ही नहीं है इसपर जैसे ही बेटे ने पलट कर देखा तो मन्दिर एक तरफ से धस गया और टेढ़ा हो गया ! और रत्नाबाई के नाम से ही इस मन्दिर का नाम रत्नेश्वर मन्दिर पड़ा !

कुछ लोगो के अनुसार यह मन्दिर किसी संत के श्राप से टेढ़ा हुआ है लेकिन कारण जो भी हो काफी रिसर्च के बाद भी यह नहीं पता लग पाया है की इस मन्दिर के टेढ़े होने का असली कारण क्या है !

2 मैगनेटिक हिल लद्दाख 

                                                  एक चमत्कारिक पहाड़ी जो किसी नमूने से कम नहीं है जम्मू कश्मीर की लेह सीमा पर स्थित है जिसे लोग मैगनेटिक हिल कहते है !हम सब लोग जानते है की पहाड़ी की फिसलन पर वाहन को हमेशा गियर में डाल कर खड़ा करना चाहिए नहीं तो वाहन निचे की और लुढकर खाई में गिर सकता है लेकिन इस मैगनेटिक हिल पर वाहन को न्यूटल करके भी खड़ा किया जाए तो भी निचे की और नहीं जाता। 
                                                
 लेकिन इस मैगनेटिक हिल का चमत्कार यही है कि वाहन निचे की और ना जाकर ऊपर की और लगभग 20 km  की रफ़्तार से जाने लगता है गाड़िया ही नहीं बल्कि आसमान में उड़ने वाले जहाज भी इस पहाड़ी के गुरुत्वाकर्षण से बच नहीं सकते कुछ लोग तो इसे गुरुत्वाकर्षण शक्ति कहते है तो कुछ इसे मात्र भ्रम मानते है लेकिन आज तक वैज्ञानिको द्वारा इस पहाड़ी के रहस्य को सुलझाया नहीं गया है !

 3.पातालपानी स्टेशन 

                                       अंग्रजो के छक्के छुड़ा देने वाले मध्यप्रदेश के रॉबिनहुड यानी टटया मामा भील जो गरीबों और जरुरतमंदो के मसीहा थे लेकिन अंग्रजो ने फांसी देने के बाद उनके शव को पातालपानी के जंगलो में कालाकूट रेलवे ट्रैक के पास दफना दिया था लोगो का मानना है की टटया मामा का शरीर तो खतम हो गया लेकिन आत्मा आज भी ें जंगलों में निवास करती है !
                                   
  इस हत्या के बाद यहाँ लगातार रेल हादसे होने लगे यह देखते हुए यहाँ के स्थानीय नागरिको ने यहाँ टटया मामा का मन्दिर बनवा दिया तब से लेकर आज तक यहाँ से गुजरने वाली हर रेल यहाँ कुछ समय के लिए रुकती है और हॉर्न के रूप में सलामी भी देती है उसके बाद ही रेल आगे बढ़ती है ऐसा ना करने पर या तो वो रेल आगे नहीं बढ़ पाती या फिर किसी हादसे का शिकार हो जाती है 

                                        इसलिए भारतीए रेलवे ने यहाँ खुद एक अघोषित नियम बना लिया है कि रेल ड्राइवर कुछ देर ट्रैन को रोके और सलामी के रूप में हॉर्न बजाकर ही गाड़ी को आगे बढ़ाए ! इसके विपरीत रेलवे अधिकरी इस कहानी को बिल्कुल सिरे से नकारते है उनके अनुसार यहाँ पर रेल का ट्रैक बदला जाता है क्योकि पातालपानी से कालाकूट का ट्रैक काफी खतरनाक चढ़ाई वाला है ट्रेनों के ब्रेक चेक करने के लिए यहाँ रोका जाता है और यहाँ मन्दिर भी बना हुआ है तो सिर झुकाकर ही आगे बढ़ते है ! 

4. जुड़वाँ बच्चों का गांव 

                                    केरल के मलप्पुरम जिले के कोडिन्ही गांव में ज्यादातर बच्चे जुड़वाँ पैदा होते है जुड़वाँ बच्चे पैदा होने के मामले में ये गांव दुनिया में दूसरे और एशिया में पहले स्थान पर आता है अगर आकड़ो की बात करे तो दुनिया में 1000 बच्चों पर 4 बच्चे जुड़वाँ पैदा होते है लेकिन इस रहस्यमयी गांव में 1000 बच्चों पर 45 बच्चे जुड़वाँ पैदा होते है दुनिया में पहला नम्बर नाइजरिया के गांव इग्वो-ओरा का है यहाँ 1000 पर 145 जुड़वाँ बच्चे पैदा होते है !

5. बर्ड सुसाइड विलेज 

                                            भारत में एक ऐसी भी है जो विज्ञानिको के लिए रहस्य बनी हुई है इस जगह को जतिंगा वैली के नाम से जाना जाता है जो की असम में है यहाँ पर सितम्बर और अक्टूबर में जतिंगा गांव में हर वर्ष बड़े पैमाने पर पक्षी आत्महत्या करते है !
                                            इन महीनो की रातो में जतिंगा वैली में ये अजीबोगरीब हादसे बहुत अधिक बढ़ जाते है शाम को 7 बजे से 10 बजे तक पक्षीओ द्वारा आत्महत्या करने की ये घटनाएं अधिकतर होती है ऐसे में अचानक से पक्षी आसमान से कीट पतंगों की तरह गिरने लगते है और धरती पर मौजूद विभिन चीज़ों से टकरा कर मर जाते है !
                                         विज्ञानिक पक्षियों के इस तरह आत्महत्या पर अलग-अलग तर्क देते है लेकिन असली वजह का अभी तक पता नहीं लगा पाए है !

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